Monday, July 13, 2026

हंस के बोली वह
‘अजी रहने दो यह रोज़ रोज़ का दिल टूटने का बहाना ।
देख चुकी हूं मैं
सोनोग्राफी में तुम्हारा साबुत दिल
जोर जोर से
उछलता हुआ ।

दिल पर दरारें पड़ गई
तुम्हारे व्यंग्य बाणों से
यकीन न हो तो देख लो
यह लाल नीली रेखायें
E.C.G.की ।

सोचे बैठे थे हम
कब का टुकड़े टुकड़े हो गया
हैरत हुई स्क्रीनिंग में
दिल को साबुत देख कर ।

जीवन में बहार है
जो तू मेरे साथ है
बियाबान भी गुलज़ार है
जो तू मेरे साथ है
नहीं जरूरत मुझे किसी साथी की,ऐ मेरे मोबाईल
जो तू मेरे साथ है ।

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